समाज

कौशल के क्षेत्र में विश्व विजेता बनने की चाह

करन दस साल का ही था, जब बालों के साथ उसका रोमांस शुरु हो गया। एक दिन उसने अपने बाल खुद ही काट डाले और फिर खुद को शीशे में निहारता रहा। उसे लगा कि कुछ गलत हो गया है तो फिर से अपने बालों पर कैची चला दी। कभी सामने से तो कभी किनारे […]

समाज

बेटी हुई तो क्या हुआ

बिना दरवाजा वाले इस मकान को देखकर कौन भला समझेगा कि यहां कोई बैंक अधिकारी रहता है। बल्कि रहता नहीं, रहती है। पटना के कुर्जी मुहल्ले की कुम्हार गली में स्थित इस मकान को बाहर से ही देखकर उसमें रहनेवालों की दयनीय स्थिति का ज्ञान हो जाता है। भीतर भी कुछ ठीक-ठाक नहीं है। सिर्फ […]

समाज संस्कृति

लालच बुरी बला

रंजन कुमार सिंह जीवन की पहली प्रतिक्रिया भूख के तौर पर प्रकट होती है। बच्चा रोता है तो माँ समझ लेती है कि उसे भूख लगी है। सभी जीव-जन्तुओं की भूख उनके पेट के अनुपात एवं आवश्यकता से संचालित होती है। एकमात्र मनुष्य ही ऐसा जीव है जिसकी भूख उसकी शारीरिक आवश्यकता से संचालित या […]

संस्कृति

दशावतार : मानवता के विकास की कहानी

रंजन कुमार सिंह धर्मं का निरूपण शास्त्र द्वारा होता है। शास्त्र वस्तुतः दर्शन हैं, जो किसी भी धर्म को परिभाषित करते हैं। परन्तु, अपने स्वरुप की विशिष्टता के कारण वे कठिन होते हैं। कठिन धार्मिक सिद्धांतों को आम जन के लिए सरल बनाने के लिए आख्यानकों का सहारा लिया जाता है। यानी कथा-कहानियों के माध्यम […]

संपादकः रंजन कुमार सिंह

ऑनलाईन हिन्दी पत्रिका
Online Hindi Magazine

नए आलेख नियमित प्राप्त करें

November 2017
M T W T F S S
« Sep    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

आप की बातें

रंजन कुमार सिंह की नई पुस्तकें

%d bloggers like this: