अन्य समाज संस्कृति

लो फिर आ गया नया साल!

फिर नया साल आ गया। पुराना साल पीछे छूट गया। कहनेवाले कह सकते हैं कि साल अभी नहीं लगा है। वह तो शुरु होगा चैत्र के पहले दिन से। हिन्दू पंचांग के अनुसार बात करें तो उनकी बात गलत भी नहीं। शक संवत शुरु होता है चैत्र के पहले दिन से ही। लेकिन फिर शक […]

समाज

कौशल के क्षेत्र में विश्व विजेता बनने की चाह

करन दस साल का ही था, जब बालों के साथ उसका रोमांस शुरु हो गया। एक दिन उसने अपने बाल खुद ही काट डाले और फिर खुद को शीशे में निहारता रहा। उसे लगा कि कुछ गलत हो गया है तो फिर से अपने बालों पर कैची चला दी। कभी सामने से तो कभी किनारे […]

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लो फिर आ गया नया साल!

फिर नया साल आ गया। पुराना साल पीछे छूट गया। कहनेवाले कह सकते हैं कि साल अभी नहीं लगा है। वह तो शुरु होगा चैत्र के पहले दिन से। हिन्दू पंचांग के अनुसार बात करें तो उनकी बात गलत भी नहीं। शक संवत शुरु होता है चैत्र के पहले दिन से ही। लेकिन फिर शक […]

समाज संस्कृति

लालच बुरी बला

रंजन कुमार सिंह जीवन की पहली प्रतिक्रिया भूख के तौर पर प्रकट होती है। बच्चा रोता है तो माँ समझ लेती है कि उसे भूख लगी है। सभी जीव-जन्तुओं की भूख उनके पेट के अनुपात एवं आवश्यकता से संचालित होती है। एकमात्र मनुष्य ही ऐसा जीव है जिसकी भूख उसकी शारीरिक आवश्यकता से संचालित या […]

संपादकः रंजन कुमार सिंह

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