नए आलेख

Sushant Singh Rajput
अन्य

14 जून को क्या सुशान्त वाकई अशान्त था?

अब यह तो सीबीआई ही बता सकती है कि सुशान्त सिंह राजपूत की हत्या हुई थी या फिर उसने आत्महत्या की थी परन्तु जैविक लय या बायोरिद्म की मानें को 14 जून 2010 को जब सुशान्त ने अपनी आखिरी सांसे लीं, उस दिन वह भावात्मक तथा बोद्धिक दोनों तौर से बेहद कमजोर था, जबकि शारीरिक […]

साहित्य

लेखकीय संघर्ष में कोई बाइपास नहीं होता

 डॉ. देविना अक्षयवर शिमला! ‘क्वीन ऑफ़ द हिल्स!’ अँग्रेज़ों के ज़माने से ही इस नाम से प्रसिद्ध यह शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शीत जलवायु और ऐतिहासिक एवं भौगोलिक विशेषताओं के चलते एक महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल रहा है। अमूमन हम शिमला को भी इसी रूप में जानते हैं और यही समझते हैं कि यह शहर तो […]

साहित्य

लेखकीय संघर्ष में कोई बाइपास नहीं होता

 डॉ. देविना अक्षयवर शिमला! ‘क्वीन ऑफ़ द हिल्स!’ अँग्रेज़ों के ज़माने से ही इस नाम से प्रसिद्ध यह शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शीत जलवायु और ऐतिहासिक एवं भौगोलिक विशेषताओं के चलते एक महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल रहा है। अमूमन हम शिमला को भी इसी रूप में जानते हैं और यही समझते हैं कि यह शहर तो […]

पेंगांग लेक
अन्य देश राजनीति समाज संस्कृति साहित्य

पेंगांग त्सो और चीनी होटल

ऊपर आप जो चित्र देख रहे हैं, वह पेंगांग त्सो का है। त्सो लद्दाखी में झील या लेक को कहते हैं। यानी यह पेंगांग लेक है, जो इन दिनों खबरों में बना हुआ है। मैं यहां तीन बार जा चुका हूं और हर बार मैंने इसे नए नजरिये से देखा है। पहली बार मैं यहां […]

Sushant Singh Rajput
अन्य

14 जून को क्या सुशान्त वाकई अशान्त था?

अब यह तो सीबीआई ही बता सकती है कि सुशान्त सिंह राजपूत की हत्या हुई थी या फिर उसने आत्महत्या की थी परन्तु जैविक लय या बायोरिद्म की मानें को 14 जून 2010 को जब सुशान्त ने अपनी आखिरी सांसे लीं, उस दिन वह भावात्मक तथा बोद्धिक दोनों तौर से बेहद कमजोर था, जबकि शारीरिक […]

संपादकः रंजन कुमार सिंह

मुक्तकण्ठ ऑनलाईन हिन्दी पत्रिका
Mukta Kantha Online Hindi Magazine

नए आलेख नियमित प्राप्त करें

Join 2,495 other subscribers

कितनों ने देखा

  • 21,350 लोगों का आभार, जिन्होंने हमें समर्थन दिया।

लोकप्रिय आलेख

आप की बातें

रंजन कुमार सिंह की पुस्तकें

%d bloggers like this: