अन्य

नशे की आदत से बचें और परिवार के सपनों को साकार करें : गुरप्रीत कौर

दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण , भागीदारी जन सहयोग समिति , दिल्ली राज्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद्   के संयुक्त तत्वावधान में एवं राष्ट्रीय सेवा योजना दिल्ली यूनिवर्सिटी सहभागिता से  कानूनी जन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत “मादक पदार्थ सेवन एवं तस्करी उन्मूलन” विषय  पर एक राज्य स्तरीय  वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें आम जन मानस के अतिरिक्त दिल्ली यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र -छात्राएं एवं राजधानी की 9  जिलों के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षार्थियों सहित 1000 युवाओं ने  बड़े उत्साह से भाग लिया।

इस अवसर पर बोलते हुए पंजाब पुलिस की उप महानिदेशक पुलिस गुरप्रीत कौर दीओ ने उद्घाटन भाषण में बताया कि वर्ष 2017 में पंजाब में एक स्पेशल टास्क फाॅर्स का गठन किया गया l  जिससे नशीले पदार्थों पर अंकुश लगाने में बड़ी सहायता मिली l उन्होंने बताया कि पंजाब नशीले पदार्थों के व्यापार में पिछले समय में आगे इसलिए आया क्योंकि पाकिस्तान का बॉर्डर इससे सटा हुआ है जिसकी वजह से पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं ईरान से नशीले पदार्थ पंजाब में बेचे जाते रहे l  पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों की  रोकथाम के लिए कटिबद्ध है यह काम चुनौतीपूर्ण है किन्तु पंजाब पुलिस को प्रयासों में सफलता भी मिली है l उन्होंने युवाओं को सन्देश दिया कि   इससे पहले कि मादक पदार्थों के सेवन से उनका परिवार कर्ज में डूबे या आत्महत्या के लिए मजबूर हो , युवा वर्ग नशे की आदत से बचें और अपने परिवार के सपनों को साकार करें।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश नमृता अग्रवाल अतिरिक्त  सचिव  दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण मादक पदार्थ सेवन उन्मूलन से सम्बंधित क़ानूनी प्रावधानों पर विस्तृत प्रकाश डाला L उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ सेवन से होने वाले भयंकर परिणामों का असर न केवल सेवन करने वाले पर पड़ता है अपितु इससे परिवार में घरेलू हिंसा भी बढ़ती है , आर्थिक तंगी आती है तथा मादक पदार्थ के लिए वह किसी भी गलत काम को करने का समझौता कर लेता है और आपराधिक मामलों में भी लिप्त हो जाता है l  उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि यदि वह अपने आस पास अपना मित्र , रिश्तेदार या अन्य परिचित को देखे और लगे कि उसका झुकाव  पदार्थ सेवन करने में है  तो अपना कर्तव्य समझकर यदि सही समय पर उसे दिशा भटकने से पहले बचा ले  तो  उसका बदल सकता है l प्राधिकरण द्वारा राजधानी में आयोजित अनेकों कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए न्यायाधीश नमृता अग्रवाल ने बताया कि  पैरा लीगल वालिंटियर्स विशेष अभियान के अंतर्गत  मादक पदार्थ सेवन के आदी बच्चों के साथ जुड़ेऔर  विभिन्न खेलों में माध्यम से उन्हें बताया कि मादक पदार्थ सेवन के क्या क्या नुकसान हैं जिससे प्रयास में काफी सफलता भी मिली।

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के  पूर्व उपकुलपति  प्रोफेसर के० के० अग्रवाल कहा कि यदि शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जाये और तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाये तो युवाओं का झुकाव मादक पदार्थ सेवन की ओर कम होगा उन्होंने कहा कि  डिप्रेशन में जाने पर मादक पदार्थ सेवन का रास्ता सिर्फ भटकाव ही है।

दिल्ली राज्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद् के शैक्षिक प्रमुख डॉक्टर नाहर सिंह ने बताया कि परिषद् द्वारा राजधानी दिल्ली के विद्यालयों के शिक्षकों , बच्चों एवं शिक्षक -प्रशिक्षणार्थियों को अनिवार्य रूप से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान से जोड़ने के लिए  वाद विवाद प्रतियोगिता , संगोष्ठी , विशेष प्रशिक्षणशाळा समय समय पर कराई जाती है उन्होंने कहा की पिछले वर्षो से बच्चों का ध्यान बुरी आदतों से हटा कर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में पाठ्यक्रम को रोचक बनाने के लिए हैप्पीनेस अभियान से जोड़ा है प्रयास की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण इस वर्ष का कीर्तिमान  रिजल्ट है।

पूर्व उपायक्त पुलिस , दिल्ली पुलिस  एस० के० तोमर ने  अपने सेवाकाल में मादक पदार्थ उन्मूलन अभियान में जुटाए गए प्रयासों को साझा किया।

कार्यक्रम के मख्य संयोजक विजय गौड़ ने युवाओं में जनजागरूकता को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि युवावस्था में सच्चे दोस्तों की पहचान ही जीवन को नई दिशा देती हैं  मादक पदार्थ सेवन जैसी बुरी आदतों के लिए  के लिए दोस्ती की शर्त रखने वाले कभी दोस्त की सूची में आ ही नहीं सकते ऐसे लोगो से दूर रहना ही भलाई है।

कार्यक्रम में  अतिरिक्त आयुक्त (श्रम ) डॉक्टर राजेंदर धर , डाइट – कड़कडड़ूमा के प्रिंसिपल डॉक्टर एम० एस० आलम एवं श्यामा प्रसाद मुख़र्जी कॉलेज की प्राध्यापिका डॉक्टर उर्मिल वत्स  ने भी अपने भी अपने प्रभावी सुझावों से प्रतिभागिओं को मादक पदार्थ सेवन से दूर रहने की अपील  की।

अपनी बात यहां लिखें