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आरती साहा गुजरे जमाने की याद भर नहीं हैं

गूगल पर आज आरती साहा का जिक्र है। आरती साहा? बहुत ही जाना-पहचाना सा लगा यह नाम। देर तक सोचता रहा कि कहां सुन रखा है पर याद को बहुत कुरदने के बवाजूद ध्यान न आया। फिर गूगल का ही सहारा लेना पड़ा। अरे हां! आरती साहा!! इंगलिश चैनल को पार करने वाली पहली भारतीय महिला, बल्कि पहली भारतीय ही क्यों, पहली एशियाई महिला। बचपन में सामान्य ज्ञान के सवाल-जवाब के लिए उनका नाम हमने याद कर रखा था। पर अब तो कौन बनेगा करोड़पति में भी यह सवाल कभी पूछा गया हो, मालूम नहीं। जितनी जल्दी हम किसी को अपने सिर पर बैठा देते हैं, उतनी ही जल्दी हम उसे अपनी याद से हटा भी देते हैं। यही नीयति है।
इंगलिश चैनल को तैर कर पार करना न अब आसान है और ना ही तब यह आसान रहा होगा। वह भी किसी महिला के लिए तो हर्गिज नहीं। उसपर से वह महिला तब की भारतीय समाज से ताल्लुक रखती हो तो उसकी मुश्किलों का अंदाज किया जा सकता है। उनसे पहले भारतीय पुरुष मिहिर सेन ने इंगलिश चौनल को तैर कर पार कर लिया था। और वह बंगाल की इस छोटी सी बच्ची के लिए प्रेरणा बन गए थे। आरती जन्मजात तैराक थीं। पाँच साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला स्वर्ण पदक जीत लिया था। फिर भी इंगलिश चैनल को चुनोती के तौर पर स्वीकार करना आसान नहीं रहा होगा। फ्रांस से इंगलैंड के बीच 42 मील की दूरी, वह भी समुद्र में। खतरे का अंदाज सहज किया जा सकता है। आरती साहा में कौशल और साहस दोनो थे, तभी वे इस नामुमकिन को मुमकिन में बदल सकी। अपनी इस उपल्धि की वजह से वे तब न जाने कितनी बच्चियों के लिए खुद प्रेरणा बन गई थीं।
आरती जी ने इंगलिश चैनल को तैर कर पार किया था 29 सितमबर 1959 को। तब उनकी उम्र थी 20 साल। आज के ही दिन यानी 24 सितम्बर को उनका जन्म हुआ था। 1940 में , यानी आज से 80 साल पहले। 1959 में उनकी इस खास उपलब्ध के साल भर बाद भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से नवाजा। पद्म पुरस्कार पानेवाली वह पहली महिला खिलाड़ी थीं। मुझे अपनी याद के कमजोर होने का दुख नहीं है। उम्र के साथ यह स्वाभाविक है। दुख है तो इस बात का कि हम अपने जीवन के वास्तविक हीरो को सामन्य ज्ञान का प्रश्न भर बना देते हैं। हम यदि ऐसे व्यक्तियों से थोड़ी भी प्ररणा ले सकें तो हमारा जीवन खुद-ब-खुद सुधर जाएगा। आरती साहा आज हमारे बीच नहीं हैं। उन्हें गुजरे हुए भी 25 साल से अधिक हो चुके। पर उन्हें गुजरे जमाने का मानकर भुला देना किसी अपराध से कम नहीं है।

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