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सांत्वना और सहानुभूति से हटकर सफलता पर नजर

सांत्वना और सहानुभूति जादू की वह छड़ी है जो असफलता के क्षणों में किसी को बल दे सकती है। लेकिन सौ में से सौ अंक पाने को ही सफलता मान लेना हमारी भारी भूल है। 99 अंक पानेवाले को सांत्वना नहीं दी जाती, बल्कि बधाई दी जाती है। और यहीं हमसे चूक हो गई। सांत्वना […]

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हे द्रोण, धनुर्धर धन्य, किन्तु क्रीत दास तुम राजसदन के – रंजन कुमार सिंह

भारतीय संस्कृति में शिक्षा की अवधारणा न होकर विद्या की अवधारणा है। शिक्षा जहां सेवा उद्योग का विषय है, जिसे खरीदा और बेचा जा सकता है, वहीं हमारे यहां विद्या दान की परंपरा रही है, जो किसी खरीद-फरोख्त से कोसो दूर है। यह कहना था लेखक-पत्रकार-फिल्म निर्माता रंजन कुमार सिंह का। वह राजधानी दिल्ली में […]

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बृजलाल द्विवेदी स्मृति पत्रकारिता सम्मान अरुण तिवारी को

हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता को सम्मानित किए जाने के लिए दिया जाने वाला पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान इस वर्ष ‘प्रेरणा’ (भोपाल) के संपादक श्री अरुण तिवारी  को दिया जाएगा। श्री तिवारी का सम्मान समारोह 3 फरवरी, 2019 को गांधी भवन,भोपाल में दिन में 11 बजे आयोजित किया गया है। समारोह के मुख्यअतिथि वरिष्ठ पत्रकार डा. हिमांशु […]