राजनीति

दस नहीं, बस एक चाहिए

एक थे पहलवानजी। नई-नई शादी हुई थी। सुहागरात पर उन्होंने अपनी पत्नी से बड़े ही प्यार से पूछा- पंजा लड़ाएगी? पूरा देश जब पाकिस्तान से अपने फौजियों की शहादत का हिसाब मांग रहा है तो हमारे प्रधानमंत्री कुछ वैसे ही पाकिस्तानियों (पाकिस्तान को नहीं) को चुनौती दे रहे हैं – आइए, गरीबी से लड़ाई लड़ते […]

राजनीति

हद की भी तो हद होगी?

अब तो अति की भी अति हो चुकी। हद भी अपनी तमाम हदें पार कर चुका। संसद भवन के बाद मुंबई, फिर पठानकोट और अब उरी। जबकि हम हैं कि योगी बने बैठे हैं। धुनी जमाए हुए हैं। सही समय का इंतजार कर रहे हैं। सही जगह के चुनाव में लगे हैं। अगर सही समय […]

समाज

“मरने वाला मेरा बेटा था जनाब”

51 दिनों के बाद आखिरकार कश्मीर में कर्फ्यू हटा दिया गया। हालांकि मामला शान्त हो गया है, ऐसा नहीं कहा जा सकता। कर्फ्यू के हटाए जाते ही श्रीनगर के बटमालू में फिर से प्रदर्शन शुरु हो गए। ऐसे में वहां फिर से कर्फ्यू लगाना पड़ा। पिछली 8 जुलाई को बुरहन वानी के मारे जाने के […]

समाज

एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों

लक्ष्य था कम से कम 20 पदक लेना, पर मिले केवल दो और पदक तालिका में हम 67वें स्थान पर रह गए। इससे पहले हमने चाहा था 125 पदक लेकर ग्लासगो राष्ट्रकुल खेलों में अपना तीसरा स्थान सुनिश्चित करना, पर मिले सिर्फ 64 और हमें पांचवे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। इसी तरह इचीयोन […]

समाज

दीपा हमें माफ कर दो

मैं भारत का एक अदना सा नागरिक, रंजन कुमार सिंह, अपनी ओर से और अपनी औकात से बाहर जाकर पूरे देश और उसकी जनता की और से रियो ओलंपिक में शामिल अपने सभी खिलाड़ियों से क्षमा मांगता हूं कि हमने समय रहते उनपर ध्यान नहीं दिया, बल्कि उन्हें नजरअंदाज ही किया। वह चाहे दीपा करमाकर […]

संस्कृति

वे बीज हैं, पर बोरों में पड़े हैं

हाल ही में हिन्दी सिनेमा. या यूं कहें कि भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज पटना के किसी मंच पर साथ-साथ थे – सुप्रसिद्ध गीतकार एवं निर्देशक गुलज़ार और सिनेमा से लेकर टेलिविज़न तक का सफर तय करनेवाले सफल निर्देशक-फिल्मकार श्याम बेनेगल। अवसर था बिहार की राजधानी पटना में एक नए सांस्कृतिक केन्द्र के शिलांयास का। […]

देश

भाजपा की हार : कुछ ख़ास कारण

बिहार में भारतीय जनता पार्टी तो उसी दिन हार गई थी, जब लालू यादव और नितीश कुमार साथ हो गए थे. और मजा यह कि इन दोनों विरोधियों को साथ करने में स्वयं भाजपा ने ही उत्प्रेरक का काम किया. पिछले राज्यसभा चुनाव के वक्त भाजपा ने जदयू को तोड़ने की कोशिश करके दोनों धुर […]