साहित्य

लेखकीय संघर्ष में कोई बाइपास नहीं होता

 डॉ. देविना अक्षयवर शिमला! ‘क्वीन ऑफ़ द हिल्स!’ अँग्रेज़ों के ज़माने से ही इस नाम से प्रसिद्ध यह शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शीत जलवायु और ऐतिहासिक एवं भौगोलिक विशेषताओं के चलते एक महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल रहा है। अमूमन हम शिमला को भी इसी रूप में जानते हैं और यही समझते हैं कि यह शहर तो […]

पेंगांग लेक
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पेंगांग त्सो और चीनी होटल

ऊपर आप जो चित्र देख रहे हैं, वह पेंगांग त्सो का है। त्सो लद्दाखी में झील या लेक को कहते हैं। यानी यह पेंगांग लेक है, जो इन दिनों खबरों में बना हुआ है। मैं यहां तीन बार जा चुका हूं और हर बार मैंने इसे नए नजरिये से देखा है। पहली बार मैं यहां […]

साहित्य

लॉक डाउन

रंजन कुमार सिंह टूटे चप्पलों के साथ चलना मुश्किल हो गया तो वह बीच सड़क पर ही बैठ गई। सामने उसका मरद दो साल के बच्चे को सिर पर सम्हाले चला जा रहा था। आगे दूर क्षितिज पर कुछ धुंधली आकृतियां दिखाई पड़ रही थीं। वह चाह कर भी उनके साथ कदम से कदम नहीं […]

समाज साहित्य

अग्निपरीक्षा

डा0 विद्या सिन्हा अग्निपरीक्षा शब्द सीता के जीवन से निकल कर एक बड़ा प्रतीक बन गया । जीवन की कठिन परिस्थितियों से गुजरते हुए हम इस शब्द का प्रयोग करने लगे,बोल-चाल में भी। इस शब्द के इतिहास के साथ जो गंभीर सवाल जुड़े हैं, उन्हें हम राम को भगवान, मर्यादा पुरुषोत्तम और राज धर्म का […]