देश समाज

अधिसंख्य किसान तो खड़ी फसल बेचने को ही मजबूर

कृषि कानूनों को लेकर माहौल गरम है। लंबे समय से किसान दिल्ली को घेरे बैठे हैं और दिल्ली उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। मैं कोई विधिवेत्ता तो हूं नहीं कि इस विवादास्पद अधिनियम के वैधानिक पहलुओं पर अपनी कोई राय दे सकूं, पर कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां जो मुझे सूझ पड़ती हैं, उन्हीं जरूर […]

पेंगांग लेक
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पेंगांग त्सो और चीनी होटल

ऊपर आप जो चित्र देख रहे हैं, वह पेंगांग त्सो का है। त्सो लद्दाखी में झील या लेक को कहते हैं। यानी यह पेंगांग लेक है, जो इन दिनों खबरों में बना हुआ है। मैं यहां तीन बार जा चुका हूं और हर बार मैंने इसे नए नजरिये से देखा है। पहली बार मैं यहां […]

देश विदेश

मन की बात होती तो शहादत नहीं होती

अब तो यह साफ हो जाना चाहिए कि झूले पर साथ बैठकर पेंगें लगाने से राजनयिक सफलता नहीं मिलती। यदि ऐसा होता तो फिर लद्दाख में जो हुआ, वह हर्गिज नहीं होता।  चीन कोई पाकिस्तान नहीं है, जिसके प्रधानमंत्री की उसके सेना प्रमुख के आगे न चलती हो। चीन में तो राष्ट्रपति ही सर्वेसर्वा है […]

अन्य देश समाज

किसी और से संभाले नहीं संभलेगी वह बिन्दी

शीला दीक्षित का चले जाना अभी ताजा ही था कि सुषमा स्वराज भी हमारे बीच से चली गई। आज की विद्रूप होती जा रही राजनीति में दोनों महिलाएं शालीनता की प्रतिमूर्ति थीं। दोनों पर ही कीचड़ उछाले जाते रहे, पर दोनों में से किसी ने भी अपनी शालीनता नहीं छोड़ी। इस बात को अभी एक […]