समाज

बेटी हुई तो क्या हुआ

बिना दरवाजा वाले इस मकान को देखकर कौन भला समझेगा कि यहां कोई बैंक अधिकारी रहता है। बल्कि रहता नहीं, रहती है। पटना के कुर्जी मुहल्ले की कुम्हार गली में स्थित इस मकान को बाहर से ही देखकर उसमें रहनेवालों की दयनीय स्थिति का ज्ञान हो जाता है। भीतर भी कुछ ठीक-ठाक नहीं है। सिर्फ […]

समाज

हिम्मते मर्दा, मददे खुदा

नाम – मो0 दुलारे कुरैशी। निवासी – बेतिया (पश्चिम चम्पारण)। पिता – काश्तकार। खेती इतनी भी नहीं कि परिवार का गुजारा ठीक ढंग से हो जाए। परिवार भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि नौ लोगों का। उसमें एक बहन भी। उसकी शादी एक अलग समस्या। पिता ने अपना पेट काटकर पढ़ाया-लिखाया और बेतिया भेज दिया फिटर का […]

समाज संस्कृति

लालच बुरी बला

रंजन कुमार सिंह जीवन की पहली प्रतिक्रिया भूख के तौर पर प्रकट होती है। बच्चा रोता है तो माँ समझ लेती है कि उसे भूख लगी है। सभी जीव-जन्तुओं की भूख उनके पेट के अनुपात एवं आवश्यकता से संचालित होती है। एकमात्र मनुष्य ही ऐसा जीव है जिसकी भूख उसकी शारीरिक आवश्यकता से संचालित या […]

समाज

आरक्षण पर चन्द सवाल

ललित शास्त्री लोग पदोन्नति में आरक्षण का विरोध करने के लिए मध्यप्रदेश की सड़कों पर निकल आए पिच्यानवां संविधान संशोधन, जिसे आधिकारिक तौर पर संविधान (95 वां संशोधन ) अधिनियम, 2009, के रूप में जाना जाता है, के द्वारा लोकसभा व विधानसभाओं में अनुसूचित जनजाति व् अनुसुचित जाति व आंग्ल भारतीयों के लिए आरक्षण में […]

समाज

“मरने वाला मेरा बेटा था जनाब”

51 दिनों के बाद आखिरकार कश्मीर में कर्फ्यू हटा दिया गया। हालांकि मामला शान्त हो गया है, ऐसा नहीं कहा जा सकता। कर्फ्यू के हटाए जाते ही श्रीनगर के बटमालू में फिर से प्रदर्शन शुरु हो गए। ऐसे में वहां फिर से कर्फ्यू लगाना पड़ा। पिछली 8 जुलाई को बुरहन वानी के मारे जाने के […]

समाज

एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों

लक्ष्य था कम से कम 20 पदक लेना, पर मिले केवल दो और पदक तालिका में हम 67वें स्थान पर रह गए। इससे पहले हमने चाहा था 125 पदक लेकर ग्लासगो राष्ट्रकुल खेलों में अपना तीसरा स्थान सुनिश्चित करना, पर मिले सिर्फ 64 और हमें पांचवे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। इसी तरह इचीयोन […]

समाज

दीपा हमें माफ कर दो

मैं भारत का एक अदना सा नागरिक, रंजन कुमार सिंह, अपनी ओर से और अपनी औकात से बाहर जाकर पूरे देश और उसकी जनता की और से रियो ओलंपिक में शामिल अपने सभी खिलाड़ियों से क्षमा मांगता हूं कि हमने समय रहते उनपर ध्यान नहीं दिया, बल्कि उन्हें नजरअंदाज ही किया। वह चाहे दीपा करमाकर […]