साहित्य

जब भी कुछ लिखा, उनकी याद आई

श्री फणीश्वर नाथ रेणु उनको पहली बार देख कर बिना किसी से पूछे समझ लिया था, आप निश्चय ही बिहार के प्रसिद्ध राजघराना के सदस्य हैं, जो जमींदारी प्रथा समाप्त होने के पहले ही राजनैतिक घराना में बदल चुका है। अतः उनको देखते ही मेरी आँखों के सामने राजा की पार्टी का झंडा आ जाता, और कानों […]