संस्कृति

नाचना थोड़े ही छोड़ दूंगा – पं0 बिरजू महाराज

राजेन्‍द्र उपाध्‍याय यों तो पंडारा रोड के मेरे घर के अगल-बगल में अनेक बड़े-बड़े अफसर, मंत्री, सांसद रहते हैं, जो कभी एक दूसरे से नहीं बोलते। अपने कुत्‍तों को घुमाते हुए दिख जाते हैं। शादी-ब्‍याह, खुशी-गमी में भी नहीं बुलाते। पर मैंने सुना है कभी यहां रंगकर्मी ब.व.कारथ, शुभा मुदगल आदि कलाकार भी रहते थे। […]

संस्कृति

वे बीज हैं, पर बोरों में पड़े हैं

हाल ही में हिन्दी सिनेमा. या यूं कहें कि भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज पटना के किसी मंच पर साथ-साथ थे – सुप्रसिद्ध गीतकार एवं निर्देशक गुलज़ार और सिनेमा से लेकर टेलिविज़न तक का सफर तय करनेवाले सफल निर्देशक-फिल्मकार श्याम बेनेगल। अवसर था बिहार की राजधानी पटना में एक नए सांस्कृतिक केन्द्र के शिलांयास का। […]