संस्कृति

मॉरीशस में हिंदी विदूषी का छलका दर्द

शिवाजी सिंह विश्व हिन्दी सम्मेलन के भव्य आयोजन से जहां मॉरीशस में विलुप्त होने की ओर बढ़ रही हिन्दी के प्रचार प्रसार को नयी उर्जा भले ही मिली हो लेकिन एक युवा हिन्दी सेवी जो उमंग के साथ उसमें हिस्सा लेने गयी थी उसे घोर निराशा हुई और वह हिन्दी के प्रति आयोजकों के रवैये […]

अन्य संस्कृति

विश्व हिन्दी सम्मेलन में भाजपाई प्रतिनिधिमंडल

विमान में उद्घोषणा होती है – अब थोड़ी देर में आपको नाश्ता परोसा जाएगा। अपना एअर इंडिया होता तो घोषाणा होती – अब थोड़ी देर में जलपान दिया जाएगा। मैं एअर इंडिया की बजाय एअर मॉरिशस से सफर कर रहा हूं, जोकि मॉरिशस में आयोजित 11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के प्रायोजकों में एक है। भारत […]

संस्कृति

मॉरीशस में डोडो की तरह कहीं भोजपुरी न विलुप्त हो जाए

शिवाजी सिंह हिंद महासागर के ‘छोटे भारत’ मॉरीशस में ग्यारहवें विश्व हिंदी सम्मेलन के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि उनके राष्ट्रीय पक्षी ‘डोडो’ की तरह यहां हिंदी एवं भोजपुरी भाषा और भारतीय संस्कृति विलुप्त नहीं होगी। मॉरीशस के स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में 18 से 20 अगस्त तक चले 11वें विश्व हिंदी […]

समाज संस्कृति

भाषा और संस्कृति – कुछ विचार

(11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के अवसर पर विशेष) शंकर दयाल सिंह भाषा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं या अनुपूरक? जहां भाषा हमारे भावों को अभिव्यक्तिक चेतना प्रदान करती है, वहां संस्कृति मानवीय गरिमा और सांस्कृतिक सौष्ठव की संवाहिका है। इसे इस रूप में भी कहा या समझा जा सकता है कि भाषा की भी […]

राजनीति

बड़ी महंगी पड़ी बिरयानी

उरि का बदला हमने भिंबर में लिया वहां स्थित आतंकियों के अनेक ठिकाने नेस्तनाबूत कर के। भिंबर पर आज भले ही पाकिस्तान का कब्जा हो, पर यह इलाका हमारा ही है। भिंबर शहर सहित भिंबर घाटी का बड़ा भाग पाक अधिकृत कश्मीर में है, जबकि नियंत्रण रेखा जिस जगह से गुजरती है, उसे भिंबर गली […]