संस्कृति

नाचना थोड़े ही छोड़ दूंगा – पं0 बिरजू महाराज

राजेन्‍द्र उपाध्‍याय यों तो पंडारा रोड के मेरे घर के अगल-बगल में अनेक बड़े-बड़े अफसर, मंत्री, सांसद रहते हैं, जो कभी एक दूसरे से नहीं बोलते। अपने कुत्‍तों को घुमाते हुए दिख जाते हैं। शादी-ब्‍याह, खुशी-गमी में भी नहीं बुलाते। पर मैंने सुना है कभी यहां रंगकर्मी ब.व.कारथ, शुभा मुदगल आदि कलाकार भी रहते थे। […]