अन्य समाज

किसी और से संभाले नहीं संभलेगी वह बिन्दी

शीला दीक्षित का चले जाना अभी ताजा ही था कि सुषमा स्वराज भी हमारे बीच से चली गई। आज की विद्रूप होती जा रही राजनीति में दोनों महिलाएं शालीनता की प्रतिमूर्ति थीं। दोनों पर ही कीचड़ उछाले जाते रहे, पर दोनों में से किसी ने भी अपनी शालीनता नहीं छोड़ी। इस बात को अभी एक […]

साहित्य

हे द्रोण, धनुर्धर धन्य, किन्तु क्रीत दास तुम राजसदन के – रंजन कुमार सिंह

भारतीय संस्कृति में शिक्षा की अवधारणा न होकर विद्या की अवधारणा है। शिक्षा जहां सेवा उद्योग का विषय है, जिसे खरीदा और बेचा जा सकता है, वहीं हमारे यहां विद्या दान की परंपरा रही है, जो किसी खरीद-फरोख्त से कोसो दूर है। यह कहना था लेखक-पत्रकार-फिल्म निर्माता रंजन कुमार सिंह का। वह राजधानी दिल्ली में […]

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दीपावली पर विशेष

दीपावली पर हम अपने पाठकों के लिए यह खास प्रस्तुति लेकर आए हैं। सच पूछिए तो यह अमेरिका की दीवाली है, जो हर साल आतिशबाजियों के साथ 4 जुलाई को मनाई जाती है। लगभग वहां के हरेक शहर की नदी के दोनों किनारों पर खड़े होकर लाखों लोग इसका आनन्द लेते हैं। यह पिछली 4 […]