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भुक्तभोगी की आत्मबीती : भरोसा हो तो कोरोना क्या?

भरोसा हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत या मुश्किल भी आसान हो रहती है, भले ही वह मुसीबत कोरोना के कहर के तौर पर ही क्यों न बरपी हो। और भरोसा टूट गया तो आदमी को टूटते देर नहीं लगती। ऐसे अनेक मित्रगण थे जो कहते थे, सकारात्मकता मत छोड़ें। पर सच कहें तो उनके […]

समाज

दक्षता की जरूरत

कुशलता सफलता की कुंजी है। जो कुशल है, वही सफल भी हो सकता है। पर कुशलता किसी को रातों-रात हासिल नहीं हो जाती। इसके पीछे वर्षों की मेहनत जुड़ी होती है। हरेक व्यक्ति में प्रतिभा होती है। यह प्रतिभा ईश्वर का वरदान है। पर कुशलता तो हम खुद से ही हासिल करते हैं। कुशलता प्रतिभा […]

संस्कृति साहित्य

विक्रम संवत के बहाने, परमार वंश का गौरव बोध

आज सुबह से ही वाट्सऐप पर हिन्दू वर्षारंभ की शुभकामनाएं मिल रही हैं। हिन्दू वर्षारंभ यानी विक्रम संवत का प्रथम दिवस। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होनेवाले इस वर्ष को विक्रम संवत भी कहते हैं और विक्रमी भी। संवत यानी भारतीय उपमहाद्वीप में प्रचलित काल गणना। कहते हैं कि सम्राट विक्रमादित्य ने मालवा में शकों […]

साहित्य

जब भी कुछ लिखा, उनकी याद आई

श्री फणीश्वर नाथ रेणु उनको पहली बार देख कर बिना किसी से पूछे समझ लिया था, आप निश्चय ही बिहार के प्रसिद्ध राजघराना के सदस्य हैं, जो जमींदारी प्रथा समाप्त होने के पहले ही राजनैतिक घराना में बदल चुका है। अतः उनको देखते ही मेरी आँखों के सामने राजा की पार्टी का झंडा आ जाता, और कानों […]

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भुक्तभोगी की आत्मबीती : भरोसा हो तो कोरोना क्या?

भरोसा हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत या मुश्किल भी आसान हो रहती है, भले ही वह मुसीबत कोरोना के कहर के तौर पर ही क्यों न बरपी हो। और भरोसा टूट गया तो आदमी को टूटते देर नहीं लगती। ऐसे अनेक मित्रगण थे जो कहते थे, सकारात्मकता मत छोड़ें। पर सच कहें तो उनके […]

संपादकः रंजन कुमार सिंह

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