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भुक्तभोगी की आत्मबीती : भरोसा हो तो कोरोना क्या?

भरोसा हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत या मुश्किल भी आसान हो रहती है, भले ही वह मुसीबत कोरोना के कहर के तौर पर ही क्यों न बरपी हो। और भरोसा टूट गया तो आदमी को टूटते देर नहीं लगती। ऐसे अनेक मित्रगण थे जो कहते थे, सकारात्मकता मत छोड़ें। पर सच कहें तो उनके […]