संस्कृति साहित्य

विक्रम संवत के बहाने, परमार वंश का गौरव बोध

आज सुबह से ही वाट्सऐप पर हिन्दू वर्षारंभ की शुभकामनाएं मिल रही हैं। हिन्दू वर्षारंभ यानी विक्रम संवत का प्रथम दिवस। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होनेवाले इस वर्ष को विक्रम संवत भी कहते हैं और विक्रमी भी। संवत यानी भारतीय उपमहाद्वीप में प्रचलित काल गणना। कहते हैं कि सम्राट विक्रमादित्य ने मालवा में शकों […]

समाज संस्कृति

भाषा और संस्कृति – कुछ विचार

(11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के अवसर पर विशेष) शंकर दयाल सिंह भाषा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं या अनुपूरक? जहां भाषा हमारे भावों को अभिव्यक्तिक चेतना प्रदान करती है, वहां संस्कृति मानवीय गरिमा और सांस्कृतिक सौष्ठव की संवाहिका है। इसे इस रूप में भी कहा या समझा जा सकता है कि भाषा की भी […]